हिंदी के प्रसिद्ध कवि श्रीकृष्ण सरल ने कहा है “ मै अमर शहीदों का चरण, उनके ही यश गाया करता हूं जो कर्ज राष्ट्र ने खाया है मैं उसे चुकाया करता हूँ│” सरल जी की यह पंक्तियां बिल्कुल सही है│ पूरा राष्ट्र शहीदों का कर्जदार है│ देश की भौगोलिक सीमओं पर तैनात ये राष्ट्र प्रहरी बारह मास आठों प्रहर अपनी जान हथेली पर लेकर हमेशा देश की सुरक्षा में लगे रहते हैं│ हिमालय क्षेत्र में लगी सीमओं में हाड़ कंपाने वाली सर्दी हो या सौराष्ट्र कच्छ या राजस्थान की रेतीली सीमा जहां जानलेवा गर्मी होती है वहां भी हमारे जांबाज सैनिक मौसम की मार से बेपरवाह होकर हमारी रक्षा में लगे रहते हैं│
१९६२ में भारत-चीन युद्ध में हजारों वीर सैनिकों ने अपनी जान देकर हमारी सीमा और प्रतिष्ठा दोनों की रक्षा की │ कवि स्वर्गीय प्रदीप द्धारा रचित और स्वर सम्राज्ञी लता मंगेशकर के द्धारा गाया हुआ गीत “जरा याद उन्हें भी कर लो जो लौट के घर न आए” आज भी उनकी शहादत का साक्षत्कार हमको कराता है १९६५ के भारत – पाक युद्ध में भारतीय सैनिकों की वीरता के आगे अजेय टैंक भी नतमस्तक हो गए थे │ १९९९ के कारगिल युद्ध में भारतीय सैनिकों की बहादुरी से पाकिस्तान अपने छल में कामयाब नहीं हुआ │
वर्तमान में पूरी दुनिया आतंकवाद के अघोषित युद्ध का शिकार है │भारत आतंकवाद से सबसे अधिक प्रभावित देशों में सम्मिलित है│भारत को हमेशा से पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का सामना करना पड़ा है │ इस अघोषित युद्ध में हमारे कई सैनिक आतंकियों की बबरता का शिकार हुए हैं│ आमने सामने की लड़ाई एक आदर्श सैन्य परंपरा है परंतु चोरी-छिपे सैनिको को मारना उनके साथ क्रूरता करना यह अक्षम्य अपराध है │ पाक प्रायोजित आतंकवाद के इस घिनौने षड़यंत्र के हमारे कई सैनिक शिकार हुए हैं│ इस कारण बिना युद्ध के भी हमारे कई सैनिक वीरगति को प्राप्त हुए हैं│ उनकी शहादत को उनके बलिदान को हम भारतवासी कभी भुला नहीं सकते │
अथर्व फाउंडेशन ऐसे वीर सपूतो की शहादत और बलिदान का सम्मान करते हुए वन फ़ॉर आल, आल फ़ॉर वन नामक कार्यक्रम ३१ जनवरी 2019 को एन एस सी आय डोम, वरली, मुंबई समय ६:३० बजे आयोजित किया है| जिसमे आप सभी आमंत्रित है| इस कार्यक्रम के मध्यम से सभी देशवासियों को सैनिको के बलिदान से अवगत कराया जायेगा एवं उनके परिवार को सम्मानित किया जायेगा |