सैनिक का जीवन किसी तपस्या से कम नहीं हे । एक सच्चा सैनिक अपना घर - बार ,दोस्तों से दूर रहकर जिस निष्ठा और समर्पण के साथ अपना जीवन व्यथित करता हे , उसकी मिसाल खोजने पर भी नहीं मिलेगी । पूरब से लेकर पश्चिम तक ,उत्तर से लेकर दक्षिण तक इन चारों दिशाओं में हमारी सेना चट्टान समान खड़ी रहकर हमारी रक्षा करती हे । भारतीय सैनिक अपनी जान पर खेलकर हमारे वतन को सुरक्षित रखते हैं । रण का रेगिस्तान हो या सीएचएन ग्लेशियर की हड्डी जमा देने वाली सर्दी , कोई भी बाधा इन वीरों को रोक नहीं सकती ,ऐसे वातावरण में भी यह प्रतिदिन बिना रुके, थके देश की सेवा में लगे रहते हैं। भारतीय सेना सिर्फ हमें बाहरी आक्रमण से ही नहीं बचाती बल्कि शांति के समय में कई सामाजिक सेवाँए भी करती है। प्राकृतिक आपदाओं जैसे उत्तराखंड की बाड़, कश्मीर में भूकंप, लद्दाख में मूसलधार बारिश के दौरान भारतीय सेना की भूमिका प्रशंसा के योग्य है।भारत में कितनी सम्सयाएँ हैं परन्तु फिर भी वे राष्ट् की आलोचना नहीं करते। वे देश को अपनी जान से ज्यादा प्यार करते हैं। उनसे हमें देश के प्रति सम्मान और प्यार की सीख मिलती है।किसी महापुरुष ने ठीक ही कहा हे कि,"अगर कोई व्यक्ति कहे कि उसे मृत्यु का भय नहीं है तोह वह झूट बोल रहा है या वो भारतीय सेना का जवान है "। हमने कभी आत्मसमर्पण भी नहीं किया है । हमारी सेना का आदर्श वाक्य है – “करो या मरो” ।
अक्टूबर से नवंबर 1962 के भारत चीन युद्ध में और बाद में 1965 में सितंबर के भारत पाक युद्ध में, केवल एक भारतीय सैनिक ने कई बार विभिन्न मोर्चों पर अनेकों दुश्मनों को मारा।
बहुत ही दुर्लभ होगा की हम हमारे जवानो की तरफ ध्यान और उनकी सराहना करते होंगे । हम सीमा पे नहीं जा सकते और नाही उनके लिए लड़ सकते पर हम हमारे जवानो को प्रोत्साहित,समर्थन और उनके बारे में बात कर सकते है। इसी बात को ध्यान में रख के अथर्व टृस्ट के चेयरमैन सुनील राणे जी ने NSCI DOME, WORLI में जनवरी ३१, २०१८ को हमारे जवानो के योगदान एवं जागरूकता को फ़ैलाने के लिए एक कार्यक्रम "ONE FOR ALL ,ALL FOR ONE ... " आयोजित किया है । आपसे हमारी विनती है कि आप इस कार्यक्रम का हिस्सा बने और सैनीकोन्को प्रोत्साहित करें|